सोमवार, 19 सितंबर 2016

🚩🔱 ❄ «ॐ»«ॐ»«ॐ» ❄ 🔱🚩

🌞🌞🌞🔆 सुप्रभातम् 🔆🌞🌞🌞
※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※
  🌹🌟 राधे नाम संग हरि बोल 🌟🌹
 ※❖ॐ∥▩∥श्री∥ஜ ۩۞۩ ஜ∥श्री∥▩∥ॐ❖※

अयं निजः परो वेति गणना लघु चेतसाम् |
उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम् |

अर्थात् :
 यह मेरा है ,यह उसका है ; ऐसी सोच संकुचित चित्त वोले व्यक्तियों की होती है;इसके विपरीत उदारचरित वाले लोगों के लिए तो यह सम्पूर्ण धरती ही एक परिवार जैसी होती है |

 🌹🔱⚜💧भजनामृत💧⚜🔱🌹

जब तू ही तू है सबमें बसा
फिर कौन भला और कौन बुरा।

हर चीज में जलवा तेरा ही मुझे
नजर आया इन आखो से ।
एक बार जो देखा पर्दा हटा ।। फिर......

किस चीज से अब मैं प्यार करुं
और ठोकर से ठुकराऊँ किसे ।
जब दिल से दुइ का भेद मिटा ।। फिर....

फिर सुख दुःख रोना हँसना क्या,
और जीवन मरन बिछौना क्या ।
जब सबमे है प्रभु तेरी रजा ।।
फिर कौन भला और कौन बुरा ।।

 ※❖ॐ∥▩∥श्री∥ஜ ۩۞۩ ஜ∥श्री∥▩∥ॐ❖※
 🌹۞☀∥ राधेकृष्ण: शरणम् ∥☀۞🌹
 ※❖ॐ∥▩∥श्री∥ஜ ۩۞۩ ஜ∥श्री∥▩∥ॐ❖※

  🌹: कृष्णा : श्री राधा प्रेमी : 🌹          
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🌹एक बार प्रेम से बोलिए ...
🌹प्यारी श्री " राधे राधे "🌹💐💐
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