बुधवार, 21 सितंबर 2016

🚩🔱 ❄ «ॐ»«ॐ»«ॐ» ❄ 🔱🚩

🌞🌞🌞🔆 सुप्रभातम् 🔆🌞🌞🌞
※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※
  🌹🌟 राधे नाम संग हरि बोल 🌟🌹
 ※❖ॐ∥▩∥श्री∥ஜ ۩۞۩ ஜ∥श्री∥▩∥ॐ❖※

बुद्धया विनापि विबुधार्चित-पाद-पीठ स्तोतुं समुधत-मतिर्विगत-त्रपोऽहम् । बालं विहाय जल-संस्थितमिन्दु-विम्ब- मन्यः क इच्छति
जनः सहसा ग्रहितुम् ।।

 🌹🔱💧भजनामृत💧🔱🌹

दुःख सुख दोनों तन के कपडे किस कारन पहनाए
किस कारन पहनाए
तुझे क्यों समझ न आए, तुझे क्यों समझ न आए
वो चाहे तो प्यासा मारे, चाहे तो प्यास बुझाए
तुझे क्यों समझ न आए, तुझे क्यों समझ न आए

तेरे मन की खातिर पगले तन का बिछा बिछौना
जब तक चाबी भरी प्रभु ने तब तक चले खिलौना
ऐसा नाचे मॉस की पुतली, जैसा वो नाच नचाए
तुझे क्यों समझ न आए, तुझे क्यों समझ न आए

जल बिन मछली जी नहीं सकती, माँ बिन जिए ना बच्चा
इन्दर उसका पानी भरता जिसका सिदक है सच्चा
वो चाहे तो गागर में भी सागर को छलकाए
तुझे क्यों समझ न आए, तुझे क्यों समझ न आए

बेसमझो को समझ नहीं कब आये कैसी घड़िया
जेठ महीने में लग सकती है सावन की झड़िया
कौन समय आकाश और धरती अपना ब्याह रचाए
तुझे क्यों समझ न आए, तुझे क्यों समझ न आए

 ※❖ॐ∥▩∥श्री∥ஜ ۩۞۩ ஜ∥श्री∥▩∥ॐ❖※
 🌹۞☀∥ राधेकृष्ण: शरणम् ∥☀۞🌹
 ※❖ॐ∥▩∥श्री∥ஜ ۩۞۩ ஜ∥श्री∥▩∥ॐ❖※

  🌹: कृष्णा : श्री राधा प्रेमी : 🌹          
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🌹एक बार प्रेम से बोलिए ...
🌹प्यारी श्री " राधे राधे "🌹💐💐
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