बुधवार, 28 सितंबर 2016

🚩🔱 ❄ «ॐ»«ॐ»«ॐ» ❄ 🔱🚩

🌞🌞🔆 श्रीराधे प्रभातम् 🔆🌞🌞
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  🌹🌟 राधे नाम संग हरि बोल 🌟🌹
 ※❖ॐ∥▩∥श्री∥ஜ ۩۞۩ ஜ∥श्री∥▩∥ॐ❖※

मनमोहन प्यारे .... सांवरे ... लाडले कान्हां अब तो जाग जाओ देखो प्रात: हुआ चाहता है। रजनी का गहरा अंधकार भी धीमे - धीमें छट रहा है। आकाश अरुण वर्ण हो गया है। भानु की प्यारी स्वर्णिम किरणें चहु और फैलना चाहती है। देवो, मुनियों के साथ आपके दर्शन की प्रतीक्षा जाने कितने ही जन कर रहे है। अरे ... अरे .. देखो तो .... अब तो आपके द्वार पर ये छोटे - छोटे प्यारे से ग्वालसखा भी इकट्ठा होने लग गए है। सभी की दृष्टी एक ही आपके द्वार पर ही टिकी है। सभी के मन में बस एक ही चाह है। कब मेरा लाडला कान्हां जागे और हमें अपना प्यारा मुखडा दिखाकर हमारा जीवन धन्य करे , प्यारे ..... जरा देखो तो खिरक में से आपकी प्यारी गईयां बार बार कान उठाकर इधर ही देख रही है। कि ना जाने कब कान्हां दिखाई दे जाएं , अरे अब तो ग्वालों के घरों से दधि मंथन कि मधुर ध्वनि भी सुनाई देने लगी है। गोपियों के कंगनों की बार - बार आपस में रगडने से मधुर झंकारे , वृक्षो पर पक्षियों की ये मधुर कलरव ध्वनियां आती - जाती गोपियों के नूपरों की ये मधुर ध्वनियां मन को मोह रहीं है। उठो तो सही प्यारे जरा आंखे खोलकर तो देखो घर - घर के खुले द्वार मानों आपके आने के लिए ही प्रतीक्षा में खुले है। हे प्यारे ....अपनी मनमोहनी सूरत से गवाल बाल, गोप-गोपियों  और अपने भक्तों के मन को मोहने वाले लाडले ..... प्यारे जरा आँखे खोल कर देखो तो सही सभी आपकी प्रतीक्षा कर रहे है।

 🌹🔱⚜💧भजनामृत💧⚜🔱🌹

जागो बंसीवारे ललना ,
जागो बंसीवारे ललना जागो मोरे प्यारे ..

रजनी बीती भोर भयो है घर घर खुले किवाड़े ,
गोपी दही मथत सुनियत है कंगना की झनकारे ..

उठो लालजी भोर भयो है सुर नर ठाड़े द्वारे ,
ग्वालबाल सब करत कोलाहल जय जय शब्द उचारे ..

माखन रोटी हाथ में लीजे गौअन के रखवारे ,
मीरा के प्रभु गिरिधर नागर शरण आय को तारे ..

 ※❖ॐ∥▩∥श्री∥ஜ ۩۞۩ ஜ∥श्री∥▩∥ॐ❖※
 🌹۞☀∥ राधेकृष्ण: शरणम् ∥☀۞🌹
 ※❖ॐ∥▩∥श्री∥ஜ ۩۞۩ ஜ∥श्री∥▩∥ॐ❖※

  🌹: कृष्णा : श्री राधा प्रेमी : 🌹          
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🌹एक बार प्रेम से बोलिए ...
🌹प्यारी श्री " राधे राधे "🌹💐💐
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